NEET रिजल्ट पर नया विवाद: OMR और मार्कशीट में 600 अंकों तक का अंतर, छात्र बोले- पास से फेल कर दिया

दिल्ली। री-नीट 2026 के रिजल्ट जारी होने के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनकी OMR शीट और जारी मार्कशीट के अंकों में भारी अंतर है।
छात्रों का दावा है कि फाइनल आंसर-की के आधार पर उनके अंक कहीं अधिक बन रहे हैं, लेकिन मार्कशीट में 15 से लेकर 600 अंकों तक की कमी दिखाई गई है। इससे कई ऐसे अभ्यर्थी, जो OMR के अनुसार क्वालिफाई कर रहे थे, अंतिम परिणाम में असफल घोषित हो गए।
छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने फाइनल आंसर-की जारी करने के महज तीन-चार घंटे बाद ही रिजल्ट घोषित कर दिया, जिससे तकनीकी गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है।
NTA ने 16 जुलाई की देर रात परिणाम जारी किए थे। इस वर्ष करीब 20 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 11.21 लाख मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी अभ्यर्थी 720 में 720 अंक हासिल नहीं कर सका।
मामले को लेकर कई छात्र अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। अभिभावकों ने भी इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए NTA को शिकायत भेजी है। वहीं, NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा है कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है।
एजेंसी ने छात्रों से केवल मूल OMR शीट जमा करने की अपील की है और फर्जी या एआई जनरेटेड OMR प्रस्तुत करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बीच हरियाणा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
अभ्यर्थी मुकुल काजल ने आरोप लगाया कि 17 जुलाई को डाउनलोड किए गए स्कोरकार्ड में उनके 605 अंक और ऑल इंडिया रैंक 9551 थी, लेकिन अगले ही दिन स्कोरकार्ड में अंक घटकर 60 और रैंक 18.76 लाख से अधिक हो गई।
छात्र का दावा है कि उसके पास पहले जारी मूल स्कोरकार्ड और OMR के रिकॉर्ड मौजूद हैं। अब इस पूरे मामले ने परीक्षा परिणामों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





