नकटी गांव के विस्थापितों ने CM हाउस का घेराव किया: बोले- घर तोड़ दिए, अब खाना भी नहीं खाने दे रहे; कांग्रेस भी समर्थन में पहुंची

रायपुर। रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। इससे पहले ग्रामीणों ने मंत्री ओपी चौधरी के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने तीन दिन पहले उनके घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर कर दिया। अब वे अपने अधिकारों और पुनर्वास की मांग को लेकर राजधानी पहुंचे हैं। ग्रामीण मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री निवास के बाहर ग्रामीण धरने पर बैठ गए और वहीं भोजन करने लगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, जिस पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि पहले उनके घर तोड़ दिए गए और अब उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से भोजन भी नहीं करने दिया जा रहा है।
नकटी गांव में हाल ही में करीब 80 मकानों पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है और पात्र लोगों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, हाउसिंग बोर्ड का दावा है कि 77 लोगों ने करीब 15 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ था, जिसे हटाने की कार्रवाई की गई।
हालांकि प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि सभी परिवारों को वैकल्पिक आवास नहीं मिला है और कई लोग अब भी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इसी मांग को लेकर वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के चलते सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से बातचीत की कोशिश की जा रही है।





