राशन व्यवस्था में गड़बड़ी: चावल की जगह कैश, हितग्राहियों को दी जा रही सिर्फ तारीख

रायपुर। राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन दुकानों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई दुकानों में हितग्राहियों को चावल देने के बजाय नकद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे गरीबों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
शिकायत के अनुसार, कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड और लालपुर क्षेत्र स्थित राशन दुकानों में यह गड़बड़ी सामने आई है। इन दुकानों का संचालन हेमदुर्गा साहू के नाम पर बताया जा रहा है। कार्डधारकों का आरोप है कि दुकानदार खुलेआम कहता है कि “चावल नहीं मिलेगा, पैसा लेना हो तो ले लो।” इससे साफ है कि नियमों की अनदेखी करते हुए जरूरतमंदों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ राशन दुकानदारों ने आपस में मिलकर चावल का एक तय रेट बना लिया है। बाजार में 30-35 रुपए किलो बिकने वाला चावल गरीबों से करीब 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से नकद देकर वापस लिया जा रहा है। कई मामलों में तीन महीने के राशन में से केवल दो महीने का चावल दिया जा रहा है और तीसरे महीने का पैसा थमा दिया जाता है।
वहीं धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक में चावल की आपूर्ति पूरी तरह ठप बताई जा रही है। यहां सेल्समैन हितग्राहियों को लगातार तारीख पर तारीख दे रहे हैं। इससे रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों के सामने भूख का संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने खाद्य विभाग से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन से पारदर्शिता और नियमित वितरण सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।





