
दिल्ली। अमेरिकी कंपनी Anthropic के नए AI मॉडल Mythos को लेकर दुनियाभर में हलचल मच गई है। इस अत्याधुनिक मॉडल को साइबर सुरक्षा के लिहाज से बेहद शक्तिशाली माना जा रहा है, जिससे बैंकिंग और वित्तीय सिस्टम पर गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। भारत सरकार ने भी इस संभावित खतरे को गंभीरता से लिया है।
इसी संदर्भ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रिजर्व बैंक और प्रमुख बैंकों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में मिथोस से जुड़े साइबर सुरक्षा जोखिमों पर विस्तार से चर्चा हुई। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह खतरा “अभूतपूर्व” हो सकता है, जिसके लिए बैंकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बताया जा रहा है कि यह AI मॉडल बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम और बैंकिंग नेटवर्क में मौजूद खामियों को पहचानने में सक्षम है। आशंका है कि इसका दुरुपयोग कर साइबर हमलावर वित्तीय संस्थानों के डेटा और फंड तक पहुंच बना सकते हैं। इसी कारण सरकार और नियामक एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
भारत ही नहीं, अमेरिका सहित कई देश इस मॉडल पर नजर रखे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन भी बड़े बैंकों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर रहा है और साइबर सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
सरकार ने बैंकों को अपने आईटी सिस्टम मजबूत करने, ग्राहक डेटा की सुरक्षा बढ़ाने और साइबर एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, खतरों की रियल-टाइम जानकारी साझा करने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक जहां एक ओर नए अवसर दे रही है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग से वैश्विक वित्तीय प्रणाली के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं।



