सुशासन, विकास और जनकल्याण हमारी सरकार की पहचान: सीएम साय

बिलासपुर। बिलासपुर में आयोजित सुशासन तिहार के जिला स्तरीय समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण राज्य सरकार की कार्यशैली और पहचान है।
सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की।
हेमूनगर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित की। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के सीएसआर मद से 22.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन का शिलान्यास किया। यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्राकृतिक चिकित्सा, योग, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा 18.76 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र की आधारशिला भी रखी गई। यह केंद्र दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में लगभग 4.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना और ई-डिस्ट्रिक्ट जैसी पहल से लोगों को राहत मिल रही है तथा जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर करने और बेलतरा क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।





