उमर अब्दुल्ला ने ख्वाजा आसिफ को याद दिलाया ‘ऑपरेशन सिंदूर’, कोलकाता तो बहुत दूर है; पहले जम्मू पहुंचकर दिखाओ

दिल्ली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया बयान पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ख्वाजा आसिफ ने 4 अप्रैल को कहा था कि भविष्य में कोई भी संघर्ष सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा और भारत के अंदरूनी हिस्सों, यहां तक कि कोलकाता तक भी पहुंच सकता है। इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में हलचल तेज हो गई।
उमर अब्दुल्ला ने इस पर पलटवार करते हुए पाकिस्तान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है और पाकिस्तान को उस समय की अपनी स्थिति याद रखनी चाहिए। अब्दुल्ला ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “कोलकाता तो बहुत दूर है, पहले जम्मू पहुंचकर दिखाओ।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान दिल्ली तक भी नहीं पहुंच पाया था, ऐसे में कोलकाता तक पहुंचने का सपना देखना अव्यावहारिक है।
सीएम अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को सलाह देते हुए कहा कि उसे टकराव की बजाय अपने हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत के साथ बेहतर संबंध बनाना पाकिस्तान के हित में है, क्योंकि खराब रिश्तों का ज्यादा नुकसान उसी को उठाना पड़ता है।
उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक और ऊर्जा स्थिति पर भी कटाक्ष किया। अब्दुल्ला ने कहा कि भारत में विमानों के संचालन पर कोई असर नहीं है, जबकि पाकिस्तान ईंधन संकट से जूझ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों से कहना पड़ रहा है कि वे अपने साथ ईंधन लेकर आएं।
अब्दुल्ला के इस बयान को भारत की मजबूत स्थिति और पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है। यह बयान न केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन का भी संकेत देता है।



