अस्पताल में नवजात की मौत पर बवाल: परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप

दिल्ली। भोपाल के कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में रविवार रात नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। घटना के बाद गुस्साए परिजन अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने खुद को कमरों में बंद कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया।
परिजनों के मुताबिक, संजना रैकवार को 9 महीने की गर्भावस्था में शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह उनका पहला बच्चा था। रविवार शाम करीब 5 बजे उन्हें लेबर पेन शुरू हुआ और सामान्य प्रसव की प्रक्रिया शुरू की गई। आरोप है कि प्रसव के दौरान बच्चा आधा बाहर आ चुका था, तभी अचानक स्थिति बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने प्रसूता को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया, लेकिन कुछ देर बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया गया।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब डिलीवरी सामान्य तरीके से हो रही थी, तो अंतिम समय में ऑपरेशन का निर्णय क्यों लिया गया। साथ ही आरोप है कि उस समय एनेस्थीसिया विशेषज्ञ मौजूद नहीं था, जिससे ऑपरेशन में देरी हुई और गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इसे जटिल चिकित्सीय मामला बताया है। अस्पताल इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार, प्रसव के दौरान बच्चे का रोटेशन रुक गया था, जो एक गंभीर स्थिति होती है। इसी कारण अंतिम समय में ऑपरेशन का निर्णय लिया गया, लेकिन तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी।





