80वां स्वतंत्रता दिवस: लाल किले पर पहली बार गूंजेगा पूरा ‘वंदे मातरम्’, 5 हजार विशेष मेहमान बनेंगे समारोह के साक्षी

नई दिल्ली। देश शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस बार का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में खास होने वाला है। पहली बार लाल किले पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण गायन किया जाएगा। समारोह में देशभर से लगभग 5 हजार विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत-2047’ और युवा शक्ति पर केंद्रित है। कार्यक्रम के दौरान देश की आजादी के 80 वर्षों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत और युवाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है।
प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री को संयुक्त गार्ड द्वारा ‘जनरल सैल्यूट’ दिया जाएगा। सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के जवानों से बने विशेष दस्ते की ओर से ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रस्तुत किया जाएगा।
राष्ट्रीय ध्वजारोहण के दौरान 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके लिए स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग किया जाएगा। समारोह के दौरान भारतीय सेना समन्वय सेवा की भूमिका निभाएगी, जबकि गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे।
ध्वजारोहण के बाद भारतीय वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर से उड़ान भरेंगे और कार्यक्रम स्थल पर फूलों की वर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम्’ ध्वज के साथ उड़ान भरेगा।
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद समारोह का सबसे खास पल आएगा, जब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा। इस प्रस्तुति में नेशनल कैडेट कोर (NCC) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे।
कार्यक्रम में करीब 2,500 एनसीसी कैडेट और स्वयंसेवक शामिल होंगे। वे लाल किले के सामने बैठकर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति भी बनाएंगे। इस बार का समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक विरासत और विकसित भारत के संकल्प का अनूठा संगम बनने जा रहा है।





