छत्तीसगढ़ में 3 ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्त, दवाओं की गुणवत्ता और बिक्री पर रखेंगे नजर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं और प्रसाधन सामग्रियों के निर्माण, बिक्री और वितरण की निगरानी के लिए तीन औषधि निरीक्षकों को नियुक्त किया है। कौशल साहू, गिरजाशंकर और राजेश कुमार सोनी को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत अपने-अपने क्षेत्राधिकार में निरीक्षण संबंधी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में 23 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना संख्या ESTB/11746/2025-HEALTH SECTION-2 के अनुसार, यह नियुक्ति अधिनियम की धारा 21 की उपधारा (1) के तहत दी गई शक्तियों के आधार पर की गई है।
निर्माण से लेकर बिक्री तक की निगरानी
अधिसूचना के मुताबिक, तीनों अधिकारी अधिनियम के अध्याय चार के तहत औषधियों और प्रसाधन सामग्रियों के निर्माण, विक्रय और वितरण से जुड़े निरीक्षण कार्य कर सकेंगे। इसके तहत वे अपने निर्धारित क्षेत्र में लागू कानून और नियमों के अनुसार नियामकीय जिम्मेदारियां निभाएंगे।
औषधि निरीक्षक दवा दुकानों, थोक विक्रेताओं और दवा निर्माण इकाइयों में लाइसेंस, भंडारण व्यवस्था, गुणवत्ता से संबंधित दस्तावेजों और अन्य जरूरी मानकों की जांच कर सकते हैं। हालांकि, इस अधिसूचना में किसी विशेष दुकान या निर्माता के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश नहीं दिया गया है।
क्या है औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम?
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 देश में दवाओं और प्रसाधन सामग्रियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और नियमन से जुड़ा प्रमुख कानून है। इसके प्रावधानों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित उत्पाद निर्धारित कानूनी मानकों के अनुरूप हों।
पढ़े गजट की कॉपी






