वर्ल्ड लिवर डे: खराब लाइफस्टाइल से बढ़ रहा खतरा, सिर्फ शराब ही नहीं जंक फूड भी जिम्मेदार

रायपुर। आज 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को लिवर से जुड़ी बीमारियों और उनके बचाव के प्रति जागरूक करना है। लिवर शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने, पोषक तत्वों को शरीर तक पहुंचाने और हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर को नुकसान केवल शराब से ही नहीं होता, बल्कि आज की खराब जीवनशैली भी इसका बड़ा कारण बन रही है। रायपुर के सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट बताते हैं कि समोसा, पिज्जा जैसे जंक फूड, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज तेजी से बढ़ रही है। यानी जो लोग शराब नहीं पीते, वे भी इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, फैट का अत्यधिक जमाव लिवर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। समय पर ध्यान नहीं देने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। इसके शुरुआती लक्षणों में थकान, कमजोरी, भूख न लगना और पेट में असहजता शामिल हैं। गंभीर स्थिति में पीलिया, सूजन और खून की उल्टी जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं।
बचाव के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को हर हफ्ते 240 से 300 मिनट और बुजुर्गों को 150 से 200 मिनट तक एक्सरसाइज करनी चाहिए। रोजाना कम से कम 20-25 मिनट शारीरिक गतिविधि से लिवर स्वस्थ रखा जा सकता है।
विश्व लिवर दिवस का संदेश साफ है—समय रहते सतर्क रहें, नियमित जांच कराएं और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं, ताकि लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सके।





