जहां प्यास और भय था, वहां अब विकास: लखापाल में हर घर पहुंचा पानी, बदली जिंदगी

रायपुर/सुकमा। कभी नक्सल भय और पेयजल संकट से जूझता सुकमा जिले का दूरस्थ ग्राम लखापाल आज विकास की नई मिसाल बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन की सक्रिय पहल से अब गांव के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
जल संकट से जूझ रहे इस गांव में अब “हर घर जल” का सपना साकार हो गया है। जल जीवन मिशन और राज्य की नियद नेल्लानार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से 117 घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। लगभग 72 लाख रुपए की लागत से 4 सोलर पंप आधारित टंकियां स्थापित की गईं, जिससे पूरे गांव में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।
पहले जहां ग्रामीणों को पानी के लिए नाले, कुओं और बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब घर बैठे शुद्ध पानी मिल रहा है। खासकर महिलाओं और बच्चों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था। गांव की महिलाओं के चेहरे पर अब सुकून और संतोष साफ झलकता है।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि यह पहल केवल पानी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आया है। जलजनित बीमारियों में कमी आई है और गांव में स्वच्छता का स्तर बेहतर हुआ है।
लखापाल के ग्रामीण बताते हैं कि पहले गांव में भय और अभाव का माहौल था, लेकिन अब विकास की चर्चा होती है। पानी की सुविधा मिलने के बाद ग्रामीण सब्जी-बाड़ी कर आत्मनिर्भरता की ओर भी बढ़ रहे हैं।
आज लखापाल यह साबित कर रहा है कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो, तो दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विकास की रोशनी पहुंच सकती है। अब यह गांव डर और प्यास से निकलकर विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर है।





