देशभर में मौसम का मिजाज: कहीं बारिश-बिजली का अलर्ट, कहीं ठंड बढ़ने के संकेत

देशभर में 20 अक्टूबर 2026 के मौसम की स्थिति को राज्यवार समझने के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान और ताजा मीडिया रिपोर्ट्स को आधार बनाना जरूरी है।

इस समय उत्तर भारत में मानसून की वापसी के बाद मौसम में बदलाव, पहाड़ी राज्यों में ठंड और दक्षिण तथा पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, सभी राज्यों में एक जैसी स्थिति नहीं है और स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार मौसम बदल सकता है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 और 21 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल, माहे और तटीय आंध्र प्रदेश में भी तेज बारिश का अनुमान है।

कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में 21 अक्टूबर से बारिश बढ़ने की संभावना है। लक्षद्वीप में 22 अक्टूबर के बाद भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर और मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम की स्थिति अलग-अलग रह सकती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है।

जबकि अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में कोई व्यापक मौसमी बदलाव संभावित नहीं है। इसलिए इन राज्यों में जिलेवार पूर्वानुमान देखना जरूरी है।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में भी स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना है। गुजरात में व्यापक बारिश को लेकर उपलब्ध रिपोर्ट्स में स्पष्ट चेतावनी नहीं है।

पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में स्थिति

ओडिशा में 22 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है। बिहार और झारखंड के लिए व्यापक बारिश की स्पष्ट संभावना उपलब्ध रिपोर्ट्स में नहीं बताई गई है।

असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा में बड़े स्तर पर मौसम बदलने का संकेत नहीं मिला है। छत्तीसगढ़ में भी व्यापक बारिश के बजाय स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखना बेहतर होगा।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 20 अक्टूबर को और फिर 23 से 25 अक्टूबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र भी मौसम को प्रभावित कर सकता है। मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की चेतावनी देखने की सलाह दी गई है।

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