छत्तीसगढ़ के बैंकों में 3 साल में 35,569 करोड़ रुपए बढ़ी जमा राशि

2025-26 में बैंक जमा 1.10 लाख करोड़ के पार, सरकारी योजनाओं और बचत की बढ़ती आदत का दिख रहा असर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बैंकों में लोगों की जमा रकम लगातार बढ़ रही है। पिछले तीन साल में बैंक जमा में 35,569 करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में प्रदेश के बैंकों में 74,635.06 करोड़ रुपए जमा थे। यह रकम 2025-26 में बढ़कर 1,10,204.48 करोड़ रुपए हो गई। इस तरह तीन साल में जमा राशि में करीब 48 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बैंक जमा का आंकड़ा 2024-25 में ही एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया था।

बचत और सुरक्षित निवेश पर जोर

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना के बाद लोगों में बचत और सुरक्षित निवेश को लेकर जागरूकता बढ़ी है। भविष्य की जरूरतों और आपात स्थिति के लिए लोग बैंक खातों में रकम रखना पसंद कर रहे हैं।

बचत खातों के अलावा फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में भी निवेश बढ़ रहा है। शेयर बाजार समेत दूसरे निवेश विकल्पों में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ लोग बैंक जमा को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह रुझान शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई दे रहा है।

सरकारी योजनाओं का भी असर

प्रदेश में बैंक जमा बढ़ने के पीछे सरकारी योजनाओं के तहत खातों में पहुंचने वाली राशि को भी एक वजह माना जा रहा है। महतारी वंदन योजना, धान बोनस और श्रम विभाग की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाता है।

केंद्र सरकार की योजनाओं में भी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए रकम पहुंचती है। खाते में आने वाली राशि का जो हिस्सा तत्काल खर्च नहीं होता, वह जमा के रूप में बना रहता है। हालांकि, इन योजनाओं के कारण जमा राशि में हुई बढ़ोतरी का अलग आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

जमा के साथ कर्ज बांटने की तैयारी

बैंक अब जमा राशि के साथ ऋण कारोबार बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। होम लोन, वाहन लोन, एजुकेशन लोन और पर्सनल लोन के लिए ग्राहकों से संपर्क किया जा रहा है।

पात्र पुराने ग्राहकों को टॉपअप लोन के ऑफर भी दिए जा रहे हैं। बैंक अधिकारियों को वित्त वर्ष 2026-27 में कर्ज वितरण बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी वास्तविक स्थिति नए वित्त वर्ष के आंकड़े सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

↑
Exit mobile version