दुर्गम इलाकों में चल रहा मतदाता सत्यापन, नारायणपुर में पुनरीक्षण अभियान ने तेजी पकड़ी

बस्तर। नारायणपुर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे इस राज्यव्यापी अभियान में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ जंगलों और दुर्गम पहाड़ी रास्तों को पार करते हुए घर–घर पहुंचकर मतदाता सूची के अद्यतन का काम कर रहे हैं। उद्देश्य है कोई भी पात्र नागरिक मतदान जैसे मौलिक अधिकार से वंचित न रह जाए।
जिले में वर्तमान में कुल 92,637 मतदाता दर्ज हैं। इनमें गणना पत्रक का 77.25% डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। नए नाम जोड़ने, गलत प्रविष्टियों को सुधारने और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में इस संवेदनशील प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बीएलओ समरूलाल यादव की प्रेरक कहानी
गट्टाकाल ग्राम पंचायत से एक उदाहरण विशेष रूप से प्रेरक है। मतदान केंद्र क्रमांक 09 के बीएलओ समरूलाल यादव को रोजाना कई किलोमीटर तक पहाड़ी पगडंडियों पर चलकर पहुंचना पड़ता है।
कई बार उन्हें बिना पुल वाले नदी-नालों को पैदल पार करना पड़ा, लेकिन कठिनाइयों के बावजूद वे लगातार मतदाताओं के घरों तक पहुंचकर सत्यापन कर रहे हैं। इस मतदान केंद्र के 360 में से 262 मतदाताओं का पुनरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 98 मतदाताओं का कार्य जारी है। समरूलाल यादव का कहना है—“लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प मुझे हर कठिनाई से आगे बढ़ने की ताकत देता है।”
20 बीएलओ ने पूरा किया शत-प्रतिशत लक्ष्य
जिला निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि जिले के 20 बीएलओ अपने क्षेत्रों में 100% पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर कलेक्टर प्रतिष्ठा ने प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया है।
दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भी मतदाता जोड़ने का यह सतत प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।





