छत्तीसगढ़ में 241 हाथियों का डेरा, धान की फसल को नुकसान; ड्रोन से निगरानी

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़, कोरबा और जशपुर जिलों में हाथियों की मौजूदगी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धरमजयगढ़ में 148, कोरबा में 61 और जशपुर में 32 हाथी अलग-अलग इलाकों में विचरण कर रहे हैं। हाथियों के दल खेतों में पहुंचकर धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी तेज कर दी है। ड्रोन कैमरों की मदद से भी हाथियों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है।
धरमजयगढ़ क्षेत्र में हाथियों के अलग-अलग दलों में 46 नर, 72 मादा और 30 शावक शामिल हैं। शाम होते ही हाथियों के झुंड भोजन की तलाश में गांवों और खेतों के करीब पहुंच रहे हैं। विभाग के अनुसार, हाथियों ने अब तक 20 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। क्रोधा, आमापाली, कांसाबाहर, बोचिया, बेहरामार और नवाडीह भकुर्रा सहित कई इलाकों में धान की फसल प्रभावित हुई है। नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है।
कोरबा में कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में 52 और करतला रेंज में 9 हाथी घूम रहे हैं। इनकी वजह से 20 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। पसान क्षेत्र में हाथियों को भगाने के दौरान घायल हुए प्रताप सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से रोकने के लिए टीमें तैनात की हैं।
जशपुर में रविवार सुबह रायगढ़ की ओर से 32 हाथियों का दल बारीकजोर जंगल पहुंचा। इससे आसपास के करीब आठ गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की फसल पकने के कारण नुकसान का खतरा अधिक है। वन विभाग ग्रामीणों को हाथियों के करीब नहीं जाने और उनसे छेड़छाड़ नहीं करने की समझाइश दे रहा है।
उधर, ओडिशा के राउरकेला में 24 हाथियों के झुंड के कारण हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर चार यात्री ट्रेनें प्रभावित हुईं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।





