भारत में इबोला का कोई केस नहीं,युगांडा से आई महिला की रिपोर्ट नेगेटिव

दिल्ली। भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में फिलहाल इबोला वायरस का कोई मामला नहीं मिला है।
यह स्पष्टीकरण उस समय जारी किया गया, जब यूगांडा से भारत आई एक महिला में इबोला जैसे हल्के लक्षण दिखाई दिए थे। हालांकि जांच के बाद महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई और अब उसकी हालत पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक महिला 23 मई को एयरपोर्ट पहुंची थी। शरीर में हल्का दर्द होने के कारण उसे एहतियातन सरकारी अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर निगरानी की जा रही है।
युगांडा में अब तक 8 मामले सामने आए हैं। वहीं भारत में केंद्र सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 25 मई को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया था। कई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी तेज कर दी गई है।
इबोला वायरस पहली बार 1976 में अफ्रीका में सामने आया था। इसका नाम कांगो की इबोला नदी के नाम पर रखा गया। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खून, उल्टी और शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क से फैलती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इबोला संक्रमित मरीजों में मृत्यु दर 25% से 90% तक हो सकती है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कांगो में अब तक 80 मौतें और 246 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। WHO ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी माना है, हालांकि इसे महामारी की श्रेणी में नहीं रखा गया है।





