रायपुर। छत्तीसगढ़ में खाद की कमी नहीं है और पंजीकृत रकबे के अनुसार सभी किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार की है।
कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है। इसमें 7.25 लाख टन यूरिया, 3 लाख टन डीएपी, 80 हजार टन एमओपी, 2.5 लाख टन एनपीके और 2 लाख टन एसएसपी शामिल है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में गोदामों और समितियों में करीब 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। इसमें 2.43 लाख टन यूरिया, 1.05 लाख टन डीएपी, 1.69 लाख टन एनपीके, 50 हजार टन एमओपी और 1.78 लाख टन एसएसपी का स्टॉक मौजूद है।
रामविचार नेताम ने कहा कि संभावित संकट को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत नैनो यूरिया, हरी खाद, जैविक खाद, नील-हरित काई और अन्य जैव उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और डायवर्जन रोकने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
इधर, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने एग्रीटेक पोर्टल पर किसानों के पंजीयन, नई ई-वितरण प्रणाली, उन्नत बीज, क्लस्टर खेती और दलहन-तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
