रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं, दिनभर बांध सकेंगे राखी: पंचक में पहले गणेशजी को राखी चढ़ाएं, फिर भाई की कलाई पर बांधें

रायपुर। रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जा रहा है। इस बार बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा समाप्त होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो चुकी है। इसलिए दिनभर राखी बांधी जा सकती है। हालांकि इस दिन पंचक रहेगा, लेकिन इससे रक्षाबंधन मनाने में कोई बाधा नहीं है।
सुबह 9:48 बजे तक पूर्णिमा तिथि
28 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे तक रही। इस अवधि में राखी बांधना विशेष शुभ माना गया है। इसके बाद भी बहनें दिनभर भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। अलग-अलग शहरों में पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
पंचक में पहले गणेशजी को चढ़ाएं 5 राखियां
पंचक होने के कारण बहनें भाई को राखी बांधने से पहले 5 राखियां भगवान गणेश को अर्पित कर सकती हैं। इसके बाद इन राखियों को प्रसाद स्वरूप भाइयों को बांधा जा सकता है। इससे धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए पर्व मनाया जा सकता है।
पूजा की थाली में रखें ये सामग्री
राखी की थाली में राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत यानी चावल, दीपक, मिठाई और फूल रखे जा सकते हैं। परिवार की परंपरा के अनुसार नारियल, मौली और फल भी शामिल किए जा सकते हैं। पहले भगवान की पूजा के बाद भाई को तिलक और अक्षत लगाकर आरती करें और फिर राखी बांधें।
भारत में नहीं दिखेगा चंद्रग्रहण
28 अगस्त को चंद्रग्रहण भी है, लेकिन ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका सूतक काल या धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं होगा। श्रद्धालु सामान्य रूप से रक्षाबंधन का पर्व मना सकेंगे।





