कमारखोल की चौपाल में गूंजी खुशियों की तालियां, लखपति दीदियों के हौसले से गदगद हुए सीएम साय

रायपुर। कबीरधाम जिले के पंडरिया क्षेत्र के बैगा बाहुल्य ग्राम कमारखोल में सोमवार को एक अनोखी चौपाल देखने को मिली, जहां खुशियों, संवाद और तालियों की गूंज ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आम के पेड़ के नीचे ग्रामीणों के बीच बैठकर चौपाल लगाई और योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी।
चौपाल में ‘लखपति दीदियों’ का आत्मविश्वास देखकर मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने महिलाओं से बातचीत करते हुए उन्हें और मेहनत कर करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कई महिलाओं ने हाथ उठाकर अपनी सफलता साझा की, जिससे माहौल उत्साह से भर गया।
इस दौरान कुकदूर की श्रीमती कचरा तेलगाम ने महुआ और चार भेंट करते हुए अपनी आय के बारे में बताया, वहीं श्रीमती रजमत बाई धुर्वे और पशु सखी शिवरानी पटेल ने भी अपने-अपने व्यवसाय से मिली सफलता साझा की। मुख्यमंत्री ने सभी को प्रोत्साहित करते हुए आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
चौपाल में एक भावुक क्षण तब आया, जब एक नवजात के नामकरण की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को दी गई। उन्होंने बच्चे का नाम “रविशंकर” रखा, जिस पर पूरे चौपाल में तालियां गूंज उठीं।
मेधावी छात्रों को भी इस मंच पर सम्मान मिला। 94.5% अंक लाने वाले छात्र को मुख्यमंत्री ने पेन देकर आईएएस बनने के लिए प्रेरित किया।
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने सामुदायिक भवन, 6 किमी सड़क, मुक्तिधाम शेड और महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। यह चौपाल सुशासन, संवाद और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी।





