राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद, चिला-फरा से ठेठरी-खुरमी तक मिल रहे पकवान

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं के साथ खान-पान का जायका भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। रायपुर के घड़ी चौक स्थित गढ़ कलेवा से पहुंचा मनीषा महिला स्व-सहायता समूह राज्योत्सव में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्टॉल लगा रहा है। यहां आने वाले नागरिक चिला, फरा, चौसेला से लेकर ठेठरी और खुरमी तक का स्वाद ले रहे हैं।

समूह की महिलाएं स्टॉल पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवान खुद तैयार कर लोगों को परोस रही हैं। इनके मेन्यू में चिला, फरा, चौसेला, साबूदाना बड़ा, भजिया, ठेठरी और खुरमी सहित कई तरह के व्यंजन शामिल हैं। स्थानीय स्वाद के शौकीनों के साथ दूसरे क्षेत्रों से आए लोग भी इन पकवानों का आनंद ले रहे हैं।

पारंपरिक स्वाद से पहचान बना रहीं महिलाएं

मनीषा महिला स्व-सहायता समूह की यह पहल सिर्फ व्यंजनों को परोसने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए महिलाएं छत्तीसगढ़ की खान-पान की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। पारंपरिक व्यंजन बनाने के अपने हुनर को रोजगार से जोड़कर उन्होंने आजीविका का साधन तैयार किया है।

परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान

समूह की महिलाएं व्यंजन तैयार कर उनकी बिक्री से होने वाली आमदनी के जरिए परिवार के भरण-पोषण में आर्थिक सहयोग कर रही हैं। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है। राज्योत्सव में लगाया गया यह स्टॉल महिला उद्यमिता और स्थानीय खान-पान को बढ़ावा देने की पहल का उदाहरण बन रहा है। साथ ही लोगों को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद से जुड़ने का मौका भी मिल रहा है।

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