सूरजपुर

Surajpur news: कब बदलेगी तस्वीर! प्रसव पीड़ा से कराह रही थी महिला, पहाड़ी रास्तों और 10 किलोमीटर तक चली पैदल

अंकित सोनी@सूरजपुर। (Surajpur news) जिले में राष्ट्रपति दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पण्डो जनजाति आज भी मुलभुत सुविधाओं वंचित हैं। 

ओड़गी ब्लाक के बैजनपाठ से जहां एक गर्भवति महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद अस्पताल पहुंचने के लिए पैदल ही निकलना पड़ा। 

मितानिनों ने प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को 10 किलोमीटर पैदल ही लेकर निकल पड़ी।

 (Surajpur news) गौरतलब है कि बैजनपाठ खोहिर पंचायत की आश्रित ग्राम है। 

जो कि ऊंची पहाड़ियों पर बसा हुआ है।

(Surajpur news) किसी भी काम को करने के लिए पहाड़ी रास्तों से 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।

दरअसल गॉव की रहने वाली रमदशिया पण्डो को दोपहर में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुआ।

तभी वे पडोसियों के सहयोग से गांव के मितानिनों को सुचना दी।

मितानिनों ने आनन फानन मे 102, 108 पर फोन किया।

लेकिन कई बार कोशिश करने पर काॅल मध्यप्रदेश पर ट्रांसफर हो जाता था।

लगातार कोशिश करने के बाद फोन छत्तीसगढ़ में लगा।

एंबुलेस बंद होने और पहाड़ी रास्तों का बहाना कर पल्ला झाड़ते दिखे।

10 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची अस्पताल

 इधर घर मे पुरूषों के ना होने के कारण मरीज और मरीज के सास की सहमति से मितानिन पैदल ही

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर केलिए  निकल गई।

10 किलोमीटर पैदल चलने के बाद प्रसुता किसी तरह खोहिर तक पैदल पहुंची।

वहां से गाड़ी बुक करके महॅूली तक पहुंच पाई।

क्योंकि उसके पास भाड़ा सिर्फ वहीं तक के लिए था। काफी देर महुली में दर्द से तड़पने के बाद आखिरकार एंबूलेंस पहुंची।

जहां से उसे बिहारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र ले जाया गया।

जहाँ पर गर्भवती महिला की स्थिति अधिक खराब होने पर उसे दूसरे राज्य मध्यप्रदेश के सिगरौली जिले के बैढ़न अस्पताल के लिए भेजा गया है।

 जल्द होगी व्यवस्था

इस मामले को लेकर  सीएमएचओ डॉ आरएस सिंह ने कहा की जहां तक वाहन पहुंच सकती है।

वहां तक एंबुलेंस भेज दिया गया है।

साथ ही जिन गॉव तक वाहन नहीं पहुंच सकता।

वहां बाइक, एंबुलेंस की व्यवस्था एक माह के भीतर करने की बात कही।

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