कांकेर (उत्तर बस्तर)

Strike: पंचायत और सहसचिवों के हड़ताल का 10 वां दिन, मगर नहीं मिला संतोषजनक जवाब, आगे जारी रहेगा…..

देवाशीष विस्वास@कांकेर। (Strike) एक सूत्रीय मांगों को लेकर 26 दिसंबर 2020 से छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के बैनर तले प्रदेश के समस्त पंचायत सचिव अनिश्चित कालीन हड़ताल पर  चले गये हैं।

(Strike)ब्लाक कोयलीबेड़ा के समस्त सचिव  पखांजूर स्थित डॅा श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम के समक्ष धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं। (Strike)उनके धरने का आज 10 वां दिन हैं। 2 साल की अवधि पूरा कर चुके समस्त सचिवों के शासकीयकरण की मांग सचिवों के द्वारा की जा रही है। इसी एक सूत्रीय मांग को लेकर सचिव संघ अनिश्चितकालिन धरने पर हैं।

की हौसला अफजाई के लिए सचिव संघ के जिला अध्यक्ष कांकेर शंभू साहू, उपाध्यक्ष भोजराज साहू, संरक्षक हेमंत मंडावी, रामकरण सिन्हा समेत कांकेर जिले के अन्य समस्य 6 ब्लाक अध्यक्ष पखांजूर पहुंचे। सचिव संघ के बैनर तले बैठे समस्त सचिवों के साथ-साथ रोजगार सहायक संघ को भी संबोधित किया।

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30 दिसंबर से रोजगार सहायकों की हड़ताल

30 दिसंबर से रोजगार सहायक भी अपनी तीन सूत्रीय मागों को लेकर अनिश्चितकालिन हड़ताल पर है। दोनों संघ एक ही मंच पर बैठ आंदोलन कर रहे है। सचिव संघ के जिला अध्यक्ष ने संबोधित करते हुए कहा की यह सचिवों की अंतिम लड़ाई है। मांग पूरी होने के बाद सचिव काम पर लौटेगे।

 उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार इस हड़ताल से दबाव में है और हड़ताल शुरू होने के पहले ही वार्ता के लिए बुलाया गया था भले ही वार्ता असफल रही हो। पर पूरा भरोसा है की सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी।

 संचिवों की मांग जल्द हो पूरी

इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष  निरंजन सरकार ने बताया की प्रदेश की वर्तमान सरकार ने चुनाव के पूर्व सचिवों से किए वायदों को याद दिलाते हुए कहा की शासन उनकी मांगों को तुरंत पूरा करे। हर वर्ष कई सचिव रिटायर हो रहे

हैं। पर शासकीय सेवा की मान्यता नहीं होने के कारण वो लाभ से वंचित हो जा रहे हैं। सालों की सेवा के बाद भी समस्त सचिवों को अपने बुढ़ापे की चिंता सता रही है। शासन उनकी इन एक सूत्रिय मांगों पर साहनभूति पूर्वक विचार करे।

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