SIR के बाद छूटे नाम जोड़ने 20 राज्यों में विशेष अभियान: नए वोटरों को भी मौका, महाराष्ट्र में 1.22 करोड़ नाम जांच के दायरे में

नई दिल्ली। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से छूट गए पात्र लोगों और 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाएगा। आयोग ने 29 सितंबर को राज्यों को इस संबंध में लिखित निर्देश दिए थे। इसके बाद 1 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी निर्देश दोहराए गए।
आयोग SIR से पहले और बाद की मतदाता सूचियों की तुलना कर उन पात्र मतदाताओं की पहचान करेगा, जिनके नाम प्रक्रिया के दौरान छूट गए हैं। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ऐसे मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन करेंगे। यदि मतदाता डुप्लीकेट या मृत नहीं पाया जाता है तो फॉर्म-6 के जरिए उसका नाम दोबारा सूची में जोड़ा जा सकेगा। नए पात्र मतदाता भी इसी फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण करा सकेंगे।
महाराष्ट्र में विशेष सावधानी
महाराष्ट्र में SIR की प्रक्रिया अभी जारी है। चुनाव आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पात्र मतदाता का नाम जल्दबाजी में न हटाया जाए। राज्य में करीब 1.22 करोड़ रिकॉर्ड जांच के लिए चिन्हित किए गए हैं।
आयोग के अनुसार इनमें लगभग 62.48 लाख मामले रिश्तेदारों की जानकारी में गड़बड़ी और 59.75 लाख मामले पिछली मतदाता सूची में रिश्तेदार से मैपिंग नहीं होने से संबंधित हैं। आयोग ने कहा है कि नाम हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध जानकारी की पूरी जांच की जाए।
ECINet की भी होगी समीक्षा
चुनाव आयोग ने ECINet सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया है। इसमें IIT या IIIT का स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। जरूरत पड़ने पर सॉफ्टवेयर में बदलाव किए जाएंगे। आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और पात्र मतदाताओं के नाम छूटने की स्थिति को दूर करना है।
आयोग के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में SIR की प्रक्रिया अक्टूबर तक चल रही है और अंतिम मतदाता सूची बाद में प्रकाशित होगी।





