एशियन गेम्स में लवलीना का गोल्डन पंच: बर्थडे पर चीन की बॉक्सर को 5-0 से हराया, भारत के 12 गोल्ड हुए

नागोया। भारतीय स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर एशियन गेम्स में करियर का पहला गोल्ड मेडल जीत लिया। महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। इसके साथ ही वह एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। उनसे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
लवलीना ने पूरे मुकाबले में संयमित रणनीति अपनाई। उन्होंने चीन की बॉक्सर को आक्रामक होने दिया और उसके बड़े पंचों से बचते हुए काउंटर अटैक किए। पहले राउंड में लवलीना ने 3-2 की बढ़त बनाई। इसके बाद उन्होंने अपने डिफेंस और फुटवर्क के जरिए मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। तीसरे राउंड के बाद सभी जजों ने मुकाबला उनके पक्ष में दिया।
किसान परिवार से इंटरनेशनल स्टार तक
असम के किसान परिवार से आने वाली लवलीना ने बॉक्सिंग में लंबा सफर तय किया है। उन्होंने 2018 और 2019 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीते। टोक्यो ओलिंपिक में भी उन्होंने ब्रॉन्ज हासिल किया था। इसके अलावा वह वर्ल्ड और एशियन स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है।
भारत के 12 गोल्ड, 70 मेडल
एशियन गेम्स के 13वें दिन भारत के कुल पदकों की संख्या 70 हो गई है। इनमें 12 गोल्ड, 22 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर है।
लवलीना के गोल्ड के अलावा भारतीय महिला रिकर्व टीम ने भी इतिहास रचा। अंकिता भगत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद की तिकड़ी ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड जीता। यह एशियन गेम्स में भारतीय महिला रिकर्व टीम का पहला गोल्ड है। वहीं, सुजीत कलकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में जगह बनाई है। नेथरा कुमानन ने सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।





