रायपुर। नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत भरंडा की रहने वाली सोनिबाई और उनके परिवार के लिए पक्का मकान सिर्फ घर नहीं, बल्कि सुरक्षित और बेहतर जीवन की शुरुआत है। वर्षों तक परिवार कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। बारिश में छत टपकती थी, ठंड में घर के भीतर रहना मुश्किल होता था और तेज आंधी के दौरान परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सोनिबाई के परिवार के लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना के तहत मकान स्वीकृत होने के बाद परिवार को पक्का घर बनाने के लिए सहायता मिली। निर्माण पूरा होने के साथ वर्षों पुराना सपना साकार हो गया।
पक्की छत के साथ बढ़ा भरोसा
सोनिबाई बताती हैं कि पुराने दिनों की परेशानियां आज भी याद आती हैं। बारिश के दौरान टपकती छत के नीचे रात गुजारना और ठंड के मौसम में घर के भीतर असुविधा झेलना उनकी जिंदगी का हिस्सा था। अब पक्का मकान मिलने से परिवार को मौसम की मार से राहत मिली है। उनका कहना है कि सुरक्षित घर ने परिवार के जीवन में स्थिरता और भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान मिलने से सोनिबाई के परिवार की जीवनशैली में बदलाव आया है। अब परिवार को बारिश, ठंड और तेज हवाओं के दौरान घर की सुरक्षा को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती।
सोनिबाई की कहानी ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास योजना के महत्व को सामने लाती है। उनके लिए पक्की छत केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद है। लंबे संघर्ष के बाद मिला यह घर उनके परिवार के लिए नई शुरुआत का आधार बन गया है।
