दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है।
याचिका में उन्होंने कहा है कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं है और यह स्थिति गैरकानूनी हिरासत जैसी प्रतीत होती है। वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी, जहां उनकी भूख हड़ताल रविवार को 22वें दिन भी जारी है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, वांगचुक ने ड्रिप, ओआरएस और दवाइयां लेने से इनकार कर दिया है। हालांकि अस्पताल ने बताया कि उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन कुछ ब्लड पैरामीटर सामान्य से अलग हैं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके भी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। संगठन ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। सुरक्षा के मद्देनजर जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में 100 से अधिक पुलिसकर्मी और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है।
वांगचुक की ओर से उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर एक संदेश भी साझा किया गया, जिसमें 20 जुलाई को “आजादी का दूसरा आंदोलन” बताया गया है। पोस्ट में पेपर लीक जैसे अन्याय और कथित अवैध हिरासत के डर से आजादी की बात कहते हुए संसद मार्च में शामिल होने की अपील की गई है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक और CJP के कार्यकर्ता 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन पर हैं। शनिवार तड़के पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई थी, जिसके बाद आंदोलन और तेज हो गया है।
