सरगुजा में सोलर से बिजली बिल जीरो, बढ़ी ऊर्जा आत्मनिर्भरता

अंबिकापुर की निधि वर्मा को मिली 1.08 लाख की डबल सब्सिडी; शहर में लक्ष्य से दोगुने आवेदन, 1,136 घरों में लगे रूफटॉप सोलर
अंबिकापुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा में परिवारों को बिजली बिल के खर्च से राहत देने के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन रही है। अंबिकापुर के मायापुर निवासी निधि वर्मा के घर की छत पर सोलर संयंत्र लगने के बाद बिजली बिल शून्य हो गया है। पहले उनके परिवार को हर महीने करीब 4 से 5 हजार रुपए बिजली बिल देना पड़ता था।
निधि वर्मा ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने के बाद घरेलू जरूरत की बिजली सौर ऊर्जा से पूरी हो रही है। इससे परिवार के मासिक बजट पर पड़ने वाला बिजली खर्च का बोझ लगभग खत्म हो गया है। उनके मुताबिक, पहले वे सिर्फ बिजली की उपभोक्ता थीं, लेकिन अब खुद बिजली का उत्पादन कर रही हैं।
1.08 लाख रुपए की डबल सब्सिडी
योजना के तहत निधि वर्मा को कुल करीब 1.08 लाख रुपए की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपए शामिल हैं। सब्सिडी मिलने से सोलर संयंत्र लगाने की लागत काफी कम हो गई और परिवार के लिए इसे अपनाना आसान हुआ।
घरेलू खपत से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में वापस जाती है और नियमानुसार उसका लाभ उपभोक्ता को मिलता है। निधि वर्मा इसे परिवार के साथ देश की ऊर्जा व्यवस्था में भी भागीदारी का जरिया मानती हैं।
अंबिकापुर में लक्ष्य से दोगुने आवेदन
विद्युत विभाग के अनुसार अंबिकापुर शहर में 1,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसके मुकाबले 2,021 आवेदन मिले। इनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित हो चुके हैं और 1,136 घरों में संयंत्र लगाए जा चुके हैं।
अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में भी 1,000 के लक्ष्य के मुकाबले 1,282 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,200 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए गए हैं और 305 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।
रूफटॉप सोलर के बढ़ते दायरे से सरगुजा में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है। योजना से परिवारों को बिजली बिल में राहत के साथ नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।





