दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह से तेज बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। एयरपोर्ट रोड स्थित द्वारका अंडरपास समेत कई स्थानों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पिछले चार दिनों से बारिश हो रही है। तीन दिनों में करीब 205 मिमी बारिश दर्ज की गई है। शहर के कई हिस्सों में पांच फीट तक पानी भर गया। घरों और हॉस्टलों में पानी घुसने के बाद बुधवार को करीब 2 हजार प्रतियोगी छात्र हॉस्टल छोड़कर चले गए। राज्य के नौ जिलों में आज भी रेड अलर्ट जारी है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे बने 100 से अधिक मंदिरों में पानी घुस गया है। हरिश्चंद्र घाट की गलियों और सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया, जबकि मणिकर्णिका घाट पर छत से अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। सतना के चित्रकूट में गुप्तगोदावरी में पानी बढ़ गया है। डिंडौरी में नदी-नाले उफान पर हैं और 12 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया। पन्ना के कई गांवों में भी जलभराव की स्थिति है।
उत्तराखंड में बारिश से जुड़ी घटनाओं में बुधवार को चार लोगों की मौत हुई। इनमें दो साल का बच्चा और दिल्ली की 25 वर्षीय महिला भी शामिल है। भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और लैंडस्लाइड से 88 सड़कें बंद हैं। असम के गुवाहाटी और जोनाई में बाढ़ जैसे हालात हैं। ओडिशा के छह जिलों के कई गांव पानी में डूब गए हैं। यहां तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
