दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है। ट्रम्प ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सिर्फ कुछ अंतिम बिंदुओं पर बातचीत बाकी है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद बढ़ गई है।
ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने ओवल ऑफिस से कई मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ संयुक्त बातचीत की। इसमें सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, यूएई, कतर, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन के शीर्ष नेताओं के अलावा इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी अलग से चर्चा की गई।
ट्रम्प के मुताबिक समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का करीब 20% हिस्सा गुजरता है। इस रास्ते के खुलने से तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है, जिससे सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
हालांकि ईरान ने अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा जताने से इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि अमेरिका पहले भी कई बार अपना रुख बदल चुका है, इसलिए तेहरान पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
मिडिल ईस्ट में तनाव 28 फरवरी को बढ़ा था, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी ठिकानों और इजराइल को निशाना बनाया। अप्रैल में युद्धविराम की घोषणा हुई, लेकिन पर्दे के पीछे बातचीत जारी रही।
युद्ध शुरू होने से पहले कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, जो बाद में 120 डॉलर तक पहुंच गया। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 103 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
