राजस्व सेवाएं होंगी और आसान: व्हाट्सएप पर मिलेंगे बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका, सीएम साय ने दिए निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों और नवाचारों से राजस्व प्रशासन में सकारात्मक बदलाव आया है तथा अब इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों और आम नागरिकों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि लोगों को तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

बैठक में डिजिटल किसान किताब, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था और लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने सीमांकन और अन्य लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने वसुंधरा परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए सभी जिला और तहसील कार्यालयों के राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए।

इससे प्रमाणित दस्तावेज कुछ ही मिनटों में उपलब्ध हो सकेंगे और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की आशंका भी कम होगी।

मुख्यमंत्री ने अबूझमाड़ सहित असर्वेक्षित गांवों का सर्वे जल्द पूरा करने, स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

साथ ही साइबर तहसील, ई-कोर्ट, ऑटो म्यूटेशन और नक्शा डिजिटाइजेशन जैसी परियोजनाओं को भी तेजी से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती और तहसीलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश भी दिए।

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