रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित की गईं।
इस भारी-भरकम बजट में महिला एवं बाल विकास के लिए 10,162 करोड़ रुपये तथा समाज कल्याण के लिए 1,600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का ध्येय केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और सुरक्षा पहुँचाना है।
नारी सशक्तिकरण की नई इबारत: महतारी वंदन और रानी दुर्गावती योजना
मंत्री राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है, जिसने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है।
प्रधानमंत्री मोदी की एक और प्रमुख गारंटी को पूरा करते हुए राज्य सरकार ‘रानी दुर्गावती योजना’ शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उसे 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिसके लिए बजट में प्रारंभिक प्रावधान कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये और पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
समाज कल्याण: बुजुर्गों के लिए ‘सियान गुड़ी’ और दिव्यांगों को सहारा
समाज कल्याण विभाग का इस वर्ष का बजट पिछले 5 वर्षों की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक है। बुजुर्गों के सम्मानजनक जीवन के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर्स की स्थापना की जाएगी।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे लगभग 21.76 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही, उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना (20 करोड़ रुपये) जैसे प्रावधानों से सरकार ने अपनी समावेशी सोच को प्रदर्शित किया है। नशा मुक्ति के लिए सामाजिक सहयोग से व्यापक अभियान चलाने का संकल्प भी दोहराया गया है।
