ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, 170 केंद्रों की जांच; दो लाइसेंस निलंबित, 40 को नोटिस

रायपुर। खरीफ सीजन 2026 में किसानों को समय पर रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कबीरधाम जिले में प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई के तहत अब तक 170 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। अनियमितता मिलने पर दो विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कृषि विभाग के अनुसार सहकारी क्षेत्र में 57,200 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण लक्ष्य के मुकाबले 32,700 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है। इसके अलावा डबल लॉक केंद्रों में 5,668 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 21,151 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है।

निजी क्षेत्र में भी 10,457 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 7,639 मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। जिले में खाद की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसा के अनुसार एनपीके, टीएसपी और एसएसपी जैसे उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विभाग के मैदानी अमले किसानों को इन विकल्पों के उपयोग के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।

उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल लगातार कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में कलेक्टर की मौजूदगी में बोड़ला विकासखंड के तीन निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया गया। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अधिक कीमत पर खाद बेचने की कोई शिकायत सामने नहीं आई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

Related Articles

Back to top button