दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून अब आफत बनकर बरस रहा है। हिमाचल प्रदेश से लेकर गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन तो मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के चोलिंग क्षेत्र में भारी बारिश के बाद मलबा नेशनल हाईवे पर आ गया, जिससे दो वाहन दब गए। राज्य में करीब 49 सड़कें बंद हैं और कई मार्गों पर यातायात बाधित है। उत्तराखंड में भी रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिलों में लैंडस्लाइड के कारण बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा के चलते केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।
उधर, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और जालौन समेत कई शहरों में तेज बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है और घरों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। गुजरात के वलसाड में सड़कों पर पानी भरने से वाहन चलते-चलते बंद हो गए, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।
मध्य प्रदेश में मानसून तेजी से सक्रिय है। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से राम घाट के पास स्थित मंदिर जलमग्न हो गए हैं। वहीं धार, बड़वानी और खरगोन जैसे जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। राजस्थान के जयपुर सहित कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।
देश के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। कहीं हीटवेव का असर भी देखने को मिल रहा है तो कहीं समुद्री इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि मानसून अगले कुछ दिनों में और अधिक सक्रिय हो सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
