छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी: नारायणपुर में बाढ़ से BSF कैंप डूबे, जवानों का रेस्क्यू; कई जिलों में अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 1 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है।
लगातार हो रही बारिश का सबसे ज्यादा असर नारायणपुर जिले में देखने को मिला। यहां बाढ़ का पानी BSF के कई कैंपों में घुस गया। हालात इतने खराब हो गए कि जवानों को अपनी जान बचाने के लिए पेड़ों और कैंप की छतों पर चढ़ना पड़ा।
बाद में रेस्क्यू टीम ने सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस ऑपरेशन का वीडियो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ और उससे लगे मध्य प्रदेश के ऊपर बना डीप डिप्रेशन अभी सक्रिय है। वहीं मानसून ट्रफ जैसलमेर, उदयपुर और इंदौर होते हुए इसी सिस्टम के केंद्र से गुजर रही है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। रायपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान रायपुर में 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी है। आरंग के निसदा गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जहां एक परिवार के 6 सदस्य फंस गए थे। SDRF की टीम ने मोटरबोट की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
वहीं रायगढ़ और सारंगढ़ के बीच बहने वाली महानदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। दंतेवाड़ा में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं।
बारिश के आंकड़ों के अनुसार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब तक सबसे ज्यादा 769.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की है।





