देश के 17 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, दिल्ली-NCR में तेज बारिश; 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

दिल्ली। मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम ने फिर करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार 12 अक्टूबर को दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत कई क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। मध्य भारत में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।
दिल्ली-NCR में बारिश, तापमान में गिरावट
दिल्ली-NCR में सोमवार सुबह बारिश और तेज हवाओं से मौसम बदला। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
पंजाब, हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में मौसम बिगड़ने पर यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यूपी-बिहार में भी बदलेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम बताई गई है, जबकि बिहार के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने के आसार हैं। हालांकि, हर जिले में बारिश की स्थिति अलग-अलग रह सकती है।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में बारिश के आसार
मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। ओडिशा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून की विदाई के बाद गर्मी बढ़ने के संकेत हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम में अचानक बदलाव के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। आंधी के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें। मौसम विभाग की जिला स्तरीय चेतावनियों पर नजर रखें, क्योंकि बारिश और हवा की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है।





