राज्यपाल से मिले परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी, जनसेवा को बताया सर्वोच्च दायित्व

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से गुरुवार को लोकभवन में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने युवा अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रशासनिक सेवा में संवेदनशीलता, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।

छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू के नेतृत्व में पहुंचे परिवीक्षाधीन अधिकारियों से चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे हमेशा देश और समाज की सेवा के लिए तत्पर रहें तथा मानवीय संवेदनाओं को अपने कार्य का आधार बनाएं।

राज्यपाल ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि आम लोगों को समय पर न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता देना प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति भी संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने की सलाह दी।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी. सी. महावर, प्रशिक्षण निदेशक प्रणव सिंह सहित परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी गोकुल आर. के., वदथ्यवथ यशवंत नाइक और इशांत जायसवाल उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान प्रशासनिक सेवा की जिम्मेदारियों और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

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