कोरिया

Korea news: बूंद-बूंद के लिए बेबसी, देखिए आधुनिक भारत में सिस्टम की नाकामी की ये हैरान कर देने वाली तस्वीरें, देखिए

प्रसेनजीत साहा@कांकेर। (Korea news) आज के आधुनिक भारत में जहां गावों में शुद्ध पेयजल हेतु आरओ लगाने की योजना चला रही हैं. वहीं आज पखांजुर से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित मरोड़ा पंचायत के आश्रित गांव आजाद पारा के लोग झरिया का पानी पीने को मजबूर हैं।

(Korea news) आजाद पारा में लगभग 8 परिवार 25 सालों से निवासरत है. जो कि मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. जबकि ग्रामीण सालों से मूलभूत सुविधाओं की मांग करते आ रहे हैं. चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बिजली, सड़क, पानी उपलब्ध कराने की लालच देकर चुनाव लड़ते हैं. चुनाव में जीतने के बाद इन लाचार बेबस ग्रामीणों से किया वादा भूल जाते हैं। जिससे आजाद पारा के मजबूर ग्रामीण एवं नंन्हे बच्चे झरिया का पानी पीने को मजबूर हो जाते हैं।

(Korea news) ग्रामीण अपने खेत में एक कुएं के आकार का गड्ढ़ा बना रखे हैं। जहाँ उन्हें सालभर झरिया से पीने का पानी मिल जाता हैं। लेकिन ग्रामीणों द्वारा खोदा गया गड्ढ़ा गंदी से पूरा पटा पड़ा है. जिसके पानी को पीकर ग्रामीण कभी भी बिमार पड़ सकते हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस पानी को पीने के वजह से बच्चे बीमार पड़ जाते हैं । कई बार तो लोगों को डायरियां, उल्टी एव टायफाइड जैसे बीमारियों से जूझना पड़ता है।

CM का जन्मदिन बनेगा यादगार, संसदीय सचिव ने  कहा- मुख्यमंत्री की भूमिका को यादगार बनाए रखने नहीं होगी कोई कमी

चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र के विधायक द्वारा परलकोट क्षेत्र के बहुत से पंचायतों को नलकूप खनन की सौगात प्रदान की है। लेकिन वास्तव में देखा जाए तो मरोड़ा पंचायत के आजाद पारा के ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए नल की अत्यंत जरूरत है।

ग्रामीणों ने सरकार से आजाद पारा में पेयजल समस्या, सड़क एवं बिजली की आपूर्ति का मांग की है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी इन बेबस ग्रामीणों की जायज मांगों को पूरा कर पाते हैं या हर बार की तरह इस बार भी उनकी मांग चुनावी मुद्दे बन कर रह जाते हैं ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button