UCC पर सियासत तेज: अभिषेक बनर्जी का BJP पर हमला, आदिवासी संस्कृति खतरे में बताई

दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बैनर्जी ने आदिवासी मुद्दों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को आदिवासी समुदायों के लिए बड़ा खतरा बताया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यदि UCC लागू होता है, तो अनुसूचित जनजातियों की पारंपरिक पहचान, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत पर गंभीर असर पड़ेगा। उनके मुताबिक, आदिवासी समाज की अपनी विशिष्ट परंपराएं हैं, जिन्हें एक समान कानून के जरिए खत्म किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इन समुदायों पर एकरूपता थोपना चाहती है।
सभा के दौरान उन्होंने कुड़माली भाषा को मान्यता देने के मुद्दे को भी उठाया और केंद्र सरकार पर स्थानीय भाषाओं और पहचान की अनदेखी करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा कि आदिवासी समाज की भाषा और संस्कृति को संरक्षित करना जरूरी है, लेकिन केंद्र सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा रही है।
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के उस वादे पर भी सवाल उठाए, जिसमें महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसी कोई योजना लागू नहीं है और यह सिर्फ चुनावी वादा है। उन्होंने लोगों से ऐसे वादों से सावधान रहने की अपील की।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इस तरह की राजनीति को समझती है और इसका जवाब चुनाव में देगी।
कुल मिलाकर, UCC और आदिवासी पहचान का मुद्दा इस चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक विषय बनता जा रहा है, जिस पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच तीखी टकराव की स्थिति बनी हुई है।





