महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: मोदी का विपक्ष पर हमला, ममता बोलीं- BJP का पतन शुरू

कोलकाता/कोयंबटूर। महिला आरक्षण और चुनावी मुद्दों को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर विपक्षी दलों ने नफरत और संकीर्ण राजनीति की, जिससे यह पहल पटरी से उतर गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से व्यक्तिगत तौर पर महिला आरक्षण बिल का समर्थन करने की अपील की थी और यहां तक कहा था कि इसका श्रेय भी वे ले सकते हैं। इसके बावजूद DMK और कांग्रेस ने इस पर राजनीति की। मोदी ने DMK पर तंज कसते हुए कहा कि “काले कपड़े पहनकर गलत इरादों को छिपाया नहीं जा सकता” और पार्टी के काले कारनामे अब जनता के सामने आ चुके हैं।

मोदी ने तमिलनाडु की राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में “परिवारवाद” चरम पर है। उनके मुताबिक, एक ही परिवार सत्ता, राजनीति, मीडिया और अन्य क्षेत्रों पर नियंत्रण रखता है, जबकि आम जनता कर्ज के बोझ तले दबती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में NDA सत्ता में आएगी और DMK को जनता बाहर का रास्ता दिखाएगी।

वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि BJP का पतन अब शुरू हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण का मुद्दा वास्तव में परिसीमन से जुड़ा था और विपक्ष पहले से ही महिलाओं के अधिकारों की वकालत करता रहा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल के जरिए चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश की जा रही थी, जिससे दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिनिधित्व प्रभावित होता।

इधर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण राज्य की स्थिति बिगड़ी है। चुनावी माहौल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और महिला आरक्षण का मुद्दा अब सियासी बहस के केंद्र में आ गया है।

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