रायपुर में राज्य स्तरीय AI कॉन्क्लेव: शिक्षा में AI के उपयोग का रोडमैप तैयार होगा

रायपुर। रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से राज्य स्तरीय AI कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। समग्र शिक्षा के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी उपयोग करना है। विभाग के अनुसार, विद्यालयीन शिक्षा के स्तर पर AI का सार्थक उपयोग करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शाला त्यागी बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए विकसित ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का विमोचन किया। उन्होंने विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि कॉन्क्लेव से सामने आने वाले तकनीकी समाधान शिक्षकों के लिए सहायक साबित होंगे। इससे विद्यार्थियों में नए कौशल विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
शिक्षक का विकल्प नहीं, मददगार साथी होगा AI
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलजीत सिंह ने कहा कि तकनीकी दौर में लोग रोजमर्रा के काम में अनजाने ही AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर तालमेल से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI शिक्षकों का स्थान नहीं लेगा, बल्कि उनके सहायक साथी के रूप में काम करेगा।
समग्र शिक्षा की आयुक्त डॉ. किरण कौशल ने कहा कि AI की मदद से स्मार्ट क्लास और ICT लैब का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे बच्चों के लिए शिक्षा को सरल और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
कई संस्थानों के विशेषज्ञ हुए शामिल
कॉन्क्लेव में गूगल, वाधवानी AI, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, खान एकेडमी, फिजिक्स वाला, IIT भिलाई, IIM रायपुर, NIT रायपुर और CHiPS समेत कई संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने शिक्षा में AI के उपयोग, नवाचार और तकनीकी समाधानों पर प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में सामने आए नवाचारों और समाधानों का अध्ययन कर स्कूल शिक्षा विभाग के लिए व्यापक AI रोडमैप तैयार किया जाएगा। यह रोडमैप शिक्षकों के लिए तकनीकी संसाधन विकसित करने और प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का आधार बनेगा।





