दूरस्थ बिनागुंडा से मरीज को कठिन हालात में पहुंचाया अस्पताल, पैदल उठाकर नेटवर्क तक लाए परिजन

रायपुर। कांकेर जिले के अत्यंत दुर्गम बिनागुंडा गांव से एक गंभीर मरीज को कठिन परिस्थितियों में अस्पताल पहुंचाने का मामला सामने आया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की रिपोर्ट के अनुसार, गांव में सड़क और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं होने के कारण मरीज को पहले पैदल और हाथों से उठाकर नेटवर्क क्षेत्र तक लाना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, 22 अप्रैल 2026 को मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। शुरुआती तौर पर परिजनों ने स्थानीय बैगा (पारंपरिक वैद्य) से इलाज कराया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिवार ने मरीज को अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया।
सुविधाओं के अभाव में परिजन मरीज को कई किलोमीटर तक पैदल और कंधों पर उठाकर उस स्थान तक लेकर पहुंचे, जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध था। वहां से 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और मरीज को पहले नजदीकी कैंप तक लाया गया।
इसके बाद मरीज को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से पखांजूर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (GMC) कांकेर रेफर कर दिया।
यह घटना एक बार फिर दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।





