सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जजों के पद, संख्या 34 से होकर 38 पहुंची

दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के फैसले को मंजूरी दे दी है। अब सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित सभी पद शामिल हैं।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026’ जारी कर दिया है। इसके तहत मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है। यानी अब CJI समेत सुप्रीम कोर्ट में कुल 38 जज होंगे।
केंद्र सरकार का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करने के लिए जजों की संख्या बढ़ाना जरूरी था। देश की सर्वोच्च अदालत में इस समय हजारों मामले लंबित हैं और लगातार नए केस भी दर्ज हो रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त जजों की नियुक्ति से सुनवाई की रफ्तार बढ़ने और मामलों के बोझ को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जजों की संख्या बढ़ने से संविधान पीठ और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई भी अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी।
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समय-समय पर जजों के पद बढ़ाए जाते रहे हैं। अब नए संशोधन के बाद जल्द ही अतिरिक्त जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।





