एमसीबी। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की बड़ी पहल माना जाता है, लेकिन एमसीबी जिले में इस योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की 75 से अधिक महिलाओं का आरोप है कि आवेदन भरने और सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उन्हें ढाई साल में योजना की एक भी किस्त नहीं मिली।
महिलाओं का कहना है कि आंगनबाड़ी सहायिका ने आवेदन तो भरवाए, लेकिन उन्हें पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड ही नहीं किया, जिससे वे योजना के लाभ से वंचित रह गईं।
पीड़ित महिलाओं ने इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत भी की, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक न जांच हुई, न किसी जिम्मेदार कर्मचारी पर कार्रवाई हुई और न ही उन्हें योजना का लाभ मिला।
इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बाही गांव की धनवातिया ने बताया कि योजना शुरू होने के समय उन्होंने आवेदन भरा था, लेकिन आज तक एक भी किस्त नहीं मिली। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
वहीं गांव की ही इन्द्रकुंवर ने भी बताया कि आवेदन करने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। उन्होंने सरपंच और अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
मामले पर एमसीबी कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को गांव भेजकर सभी महिलाओं के आवेदन और ई-केवाईसी की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
पात्र महिलाओं की सूची शासन को भेजी जाएगी ताकि पोर्टल खुलने पर उनके आवेदनों पर विचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि महिलाओं को उनका लंबित अधिकार कब तक मिल पाता है।
