27.50 लाख से ज्यादा किसानों से खरीदी जाएगी उपज; 360 नए केंद्र खुलेंगे, ‘तुंहर टोकन’ एप से घर बैठे मिलेगी बुकिंग की सुविधा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। इस सीजन में किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी होगी।
सरकार के मुताबिक, इस साल 27.50 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदने की तैयारी है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं। इससे खरीदी केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 3100 हो जाएगी।
पुराने पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन से राहत
सरकार ने एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को धान बेचने के लिए मान्य किया है। ऐसे किसानों को अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। एग्रीस्टैक में पंजीयन होने पर समिति में अलग से ऋण पुस्तिका प्रस्तुत करने की आवश्यकता भी नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया जाएगा।
टोकन के लिए नहीं लगानी होगी लंबी कतार
किसान ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप से 24 घंटे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। प्रत्येक समिति की प्रतिदिन की खरीदी सीमा में 70% टोकन एप से और 30% टोकन समिति स्तर पर जारी होंगे। एप से जारी टोकन में 80% हिस्सेदारी लघु एवं सीमांत किसानों और 20% बड़े किसानों के लिए निर्धारित है।
दो एकड़ तक के किसानों को एक, दो से 10 एकड़ तक के किसानों को अधिकतम दो और 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन मिलेंगे।
अवैध धान की आवक रोकने निगरानी
धान की अवैध आवक और पुनर्चक्रण रोकने के लिए 273 चेक पोस्ट और 131 सीमावर्ती उपार्जन केंद्र चिन्हांकित किए गए हैं। जिला स्तर पर विशेष जांच दल निगरानी करेंगे। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का विस्तार भी किया जाएगा।
धान की बोरियों पर क्यूआर कोड से ट्रेसिबिलिटी और लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस वाले वाहनों से परिवहन की निगरानी होगी। सरकार के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में केंद्रीय पूल के लिए छत्तीसगढ़ से 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
