दिल्ली। देश के चर्चित पंजाब नेशनल बैंक घोटाला के मुख्य आरोपी नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अधिकांश कानूनी अड़चनें समाप्त हो चुकी हैं और प्रत्यर्पण की राह लगभग साफ हो गई है।
इसी बीच Central Bureau of Investigation (CBI) की एक विशेष टीम लंदन पहुंच गई है, जहां वह प्रत्यर्पण से जुड़ी अंतिम तैयारियों में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि टीम ने ब्रिटेन के अधिकारियों और Crown Prosecution Service (CPS) के साथ बैठक कर जरूरी कागजी प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों को अंतिम रूप दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, CBI की टीम 16 अप्रैल को भारत लौटेगी और इसके बाद अगले दो सप्ताह में फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित European Court of Human Rights में भी अपनी दलीलें पेश करेगी। नीरव मोदी ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए ECHR का रुख किया है, लेकिन उसके अधिकांश कानूनी विकल्प अब समाप्त हो चुके हैं।
गौरतलब है कि मार्च 2026 में ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने नीरव मोदी की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी, जिससे उसके लिए राहत के रास्ते और सीमित हो गए।
नीरव मोदी पर अपने मामा मेहुल चोक्सी के साथ मिलकर करीब 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। वर्ष 2019 में गिरफ्तारी के बाद से वह लंदन की जेल में बंद है और वहीं से कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।
अब माना जा रहा है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होते ही उसे जल्द भारत लाया जा सकता है, जिससे देश के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक में न्यायिक कार्रवाई तेज होगी।
