ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

रायपुर साहित्य उत्सव में ओपन माइक से नवीन प्रतिभाओं को मिला सशक्त मंच, पहले दिन 75 से अधिक कलाकारों ने बिखेरी प्रतिभा

रायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के अंतर्गत आयोजित ओपन माइक मंच पहले ही दिन नवोदित कलाकारों और रचनाकारों के लिए सशक्त अभिव्यक्ति का मंच बनकर उभरा।

प्रदेश के प्रतिष्ठित कवि पद्मश्री सुरेन्द्र दुबे जी को समर्पित इस मंच पर पहले दिन चार सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें 75 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं।

ओपन माइक मंच पर कविता, कहानी, ग़ज़ल, गायन, वादन, सामूहिक नृत्य और शास्त्रीय नृत्य जैसी विविध विधाओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। युवा कवियों और रचनाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, संस्कृति और संवेदनाओं को स्वर दिया, वहीं कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान बाँसुरी, गिटार और वायलिन वादन ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। नन्ही नृत्यांगनाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सरगुजा से लेकर बस्तर तक के युवाओं ने मंच पर अपनी रचनात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देकर यह साबित किया कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें अवसर और मंच की जरूरत है।

समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, महंत कॉलेज के प्राचार्य देवाशीष महंत और संयुक्त संचालक, जनसंपर्क इस्मत जहाँ दानी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। ओपन माइक सत्र ने न केवल नई प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि रायपुर साहित्य उत्सव के उद्देश्य साहित्य, कला और संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने को भी सशक्त रूप से आगे बढ़ाया।

Related Articles

Back to top button