NEET पेपर लीक: 5 से 50 लाख में बेचा गया पेपर, ब्लैंक चेक लेकर करते थे डील

दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। CBI के मुताबिक, आरोपी गिरोह छात्रों के परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर 5 लाख से 50 लाख रुपए तक में पेपर बेचता था।

सौदे की गारंटी के लिए परिजनों से ब्लैंक चेक और छात्रों के दस्तावेज भी लिए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि मामले का मुख्य आरोपी महाराष्ट्र के लातूर का कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर 8 एकड़ जमीन पर स्कूल और कॉलेज खोलने की तैयारी कर रहा था।

CBI के अनुसार, पेपर की कोई तय कीमत नहीं थी। गिरोह पहले टोकन मनी लेता था और दावा करता था कि परीक्षा से पहले दिया गया ‘क्वेश्चन बैंक’ असली पेपर से मैच करेगा। आंसर-की जारी होने के बाद बाकी रकम वसूली जाती थी। हालांकि परीक्षा के बाद कई अभिभावकों ने पैसे देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि कुछ सवाल असली पेपर से मेल नहीं खा रहे थे।

IB से इनपुट मिलने के बाद राजस्थान SOG ने 8 मई की रात कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान सीकर के एक छात्र के मोबाइल पर दलाल का कॉल आया, जिसमें बाकी रकम मांगी जा रही थी। इसके बाद CBI ने कई राज्यों में छापेमारी की, जहां इसी तरह के लेनदेन के सबूत मिले।

मामले में गिरफ्तार लातूर के RCC कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ की करोड़ों की संपत्ति और फंडिंग की जांच भी की जा रही है। पुणे नगर निगम ने उसकी RCC कोचिंग क्लासेस को सील कर दिया है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 आरोपियों को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि एक आरोपी की CBI रिमांड बढ़ाई गई है। अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा 6 आरोपी महाराष्ट्र से हैं। NEET का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित होगा।

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