रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के लिए शासन ने बैंकों को लंबित ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए हैं।
मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में वित्त विभाग की विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स उप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट कहा गया कि सरकार की योजनाओं के तहत आने वाले लोन और सब्सिडी से जुड़े मामलों को बैंक अनावश्यक रूप से लंबित न रखें।
बैठक में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत 31 मार्च तक बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण और वित्तीय सहायता के प्रकरणों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
इन योजनाओं में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और अंत्योदय स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाएं शामिल रहीं।
विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा ने बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं के आवेदनों को बिना कारण लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए बैंक स्तर पर प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
उन्होंने बैंकर्स को निर्देश दिए कि स्वरोजगार और अन्य योजनाओं के ऋण प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रत्येक सप्ताह एक निर्धारित दिन तय किया जाए। इस दिन सभी लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनका शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि और विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं क्षेत्रीय बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे। शासन की इस पहल से स्वरोजगार शुरू करने वाले युवाओं, महिला समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए बैंक और विभाग मिलकर काम करेंगे।
