सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल, राजनांदगांव ने रचा नया कीर्तिमान

रायपुर। स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले ने देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन के चलते राजनांदगांव देश में सर्वाधिक सोलर क्षमता वाले घरेलू कनेक्शन स्थापित करने वाला जिला बन गया है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा को लेकर लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिले ने यह उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत जिले में अब तक 6,776 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 6,381 हितग्राहियों ने सोलर सिस्टम लगाने के लिए वेंडर का चयन कर लिया है। वहीं 3,255 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। योजना के तहत 2,218 लाभार्थियों को सब्सिडी की राशि भी जारी की जा चुकी है।

राजनांदगांव जिले में घरेलू, व्यावसायिक और बड़े स्तर के सोलर प्रोजेक्ट के माध्यम से बड़ी क्षमता विकसित की गई है। 3,255 घरेलू सोलर कनेक्शनों से लगभग 9 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता तैयार हुई है। इसके अलावा 162 व्यावसायिक सोलर कनेक्शनों से 3.40 मेगावाट और 31 पावर प्लांटों के माध्यम से 383 मेगावाट क्षमता विकसित की गई है।

जिले की सबसे बड़ी उपलब्धि ढाबा क्षेत्र में स्थापित मेसर्स सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का 160 मेगावाट क्षमता वाला सोलर कनेक्शन है। इसे देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा सोलर कनेक्शन माना जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा सौर ऊर्जा अपनाने वाले उत्कृष्ट हितग्राहियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को भी प्रेरित किया जा रहा है। राजनांदगांव की यह सफलता न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए हरित ऊर्जा की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। सौर ऊर्जा के विस्तार से बिजली की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

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