रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जांजगीर-चांपा जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। कॉलेज के अस्थायी संचालन के लिए लाइवलीहुड कॉलेज भवन और हॉस्टल को चिन्हित कर वहां मरम्मत और उन्नयन कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए जिला चिकित्सालय जांजगीर को भी सशक्त किया जा रहा है। वर्तमान में 180 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है, जिसे बढ़ाकर 220 बिस्तरों तक करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और मरीजों को बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज के लिए डीन की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिली है। वहीं, विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग से समन्वय किया जा रहा है। आगामी माह एमबीबीएस के पहले बैच के लिए एनएमसी का निरीक्षण प्रस्तावित है।
स्थायी मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण की दिशा में भी तेजी आई है। ग्राम कुटरा में लगभग 357 करोड़ रुपए की लागत से भवन निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा अस्थायी संचालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकास हेतु जिला खनिज न्यास मद से भी वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे द्वारा निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य तय समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उन्नत और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, जिससे जिले के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती मिलेगी।
